जयपुर। दरीबा पान स्थित श्री शुक संप्रदाय आचार्य पीठ सरस निकुंज में रविवार शाम जब भक्तिमयी पदों की गूंज उठी, तो परिसर साक्षात ब्रजधाम में तब्दील हो गया। मौका था पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित फूल बंगला महोत्सव का। शाम 6 से रात 9 बजे तक चले महोत्सव में श्री सरस परिकर के वैष्णवों ने सामूहिक रूप से विविध राग-रागिनियों में ठाकुरजी की शृंगार महिमा और फूल बंगले के भजनों से भाव-विभोर किया और भक्त झूम उठे।
झांकी में दिखी राजस्थानी और ब्रज कला की जुगलबंदी: प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि महोत्सव में ठाकुर श्रीराधा सरस बिहारी जू सरकार की मनमोहक फूल बंगला झांकी सजाई गई। इस झांकी की मुख्य विशेषताएं-
पुष्पों की शयन कुंज: कारीगरों ने 15 फीट ऊंचे, 8 फीट चौड़े और 15 फीट लंबे बंगले का निर्माण किया। इसमें पारंपरिक तिबारी, छज्जे और गोखे (झरोखे) बनाए, जो राजस्थानी कला संस्कृति और ब्रज शैली के अद्भुत संगम को दर्शा रहे थे।
इत्र से महका परिसर: पूरा निकुंज परिसर खस, केवड़ा, गुलाब और चंदन के दिव्य इत्र की सुगंध से सराबोर रहा।
अलबेली माधुरी शरण महाराज ने लड़ाया लाड़: श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज ने खासतौर से श्रीराधा सरस बिहारी जू सरकार को बड़े ही लाड़-चाव से सेवा सामग्रियां अर्पित कीं। ठाकुरजी को ऋतु के ताजे फलों और मधुर मिष्ठान व्यंजनों का विशेष भोग लगाया।
इस दौरान वैष्णवों ने ’फूल को महल महा मनभावन’ और ‘फूल मंडली सरस संवारी’ जैसे भाव स्वरूप पदों का गायन कर ठाकुरजी को रिझाया।
