अभिमत
देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो एअरलाइंस की सेवाएं जिस तरह से ठप हुईं, वह बेहद चिंताजनक है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतनी ज्यादा उड़ानें रद्द होने की वजह से हजारों यात्रियों के सामने किस तरह की परेशानी पैदा हुई होगी। जिस तरह के वीडियो फुटेज आए हैं, उनसे पता चलता है कि विमान यात्रियों पर क्या गुजरी है। कायदे से होना यह चाहिए था कि इतने बड़े पैमाने पर अगर किसी भी वजह से समस्या आ रही थी, तो यात्रियों को समय रहते इसकी सूचना दी जाती। जिन लोगों ने इंडिगो से कहीं जाने का टिकट लिया, उनकी न केवल उड़ानें रद्द हुईं, बल्कि उनके लिए किसी तरह का वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया। दूसरी कंपनियों ने इसे आपदा में अवसर माना और मनमाना किराया वसूला।
जितनी बड़ी तादाद में उड़ानें रद्द हुईं या विलंब हुआ, क्या यह प्रबंधन और व्यवस्था में लापरवाही से लेकर सेवा में कमी का नतीजा नहीं है? यह छिपा नहीं है कि विमान का मनमाना किराया या अलग-अलग तरीके से ज्यादा पैसे वसूलने में कंपनियां कोई संकोच नहीं करती हैं। इंडिगो की उड़ानों में देरी और रद्दीकरण के कारण कई प्रमुख मार्गों पर किराए कई गुना बढ़ा दिए गए। इंडिगो ने क्रू मेंबर और पायलटों की कमी को मुख्य कारण बताया और नए नियमों के हिसाब से विमान परिचालन में हो रही दिक्कत की बात कही। पायलट ड्यूटी टाइम के नए नियम जनवरी 2024 के थे, लेकिन 23 महीनों में भी इंडिगो ने नियमानुसार पायलटों की भर्ती नहीं की और अचानक हाथ खड़े कर दिए। हालात ऐसे बना दिए गए कि सरकार को इन नियमों को लेकर इंडिगो को छूट देनी पड़ी।

अब डीजीसीए ने मौजूदा संकट के पीछे कारणों का पता लगाने के लिए चार सदस्यों का एक जांच पैनल बनाया है। कमेटी में डीजीसीएके जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय के ब्रम्हाने और डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता, सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कैप्टन कपिल मांगलिक और फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कैप्टन रामपाल शामिल हैं। पैनल 15 दिन के अंदर रिपोर्ट और सुझाव देगा ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके। जांच की कार्रवाई रस्म अदायगी न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
विमान यात्रा को सबसे सुव्यवस्थित सेवा के तौर पर जाना जाता है, जहां समय का पूरा ध्यान रखने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचाना एक सामान्य बात रही है। विमान कंपनियां बेहतरीन सेवा देने के दावे के साथ लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। मगर पिछले कुछ समय से हवाई जहाज से कहीं आने-जाने की राह में कई स्तरों पर जिस तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, उससे पता चलता है कि विमान सेवाओं की गुणवत्ता में अप्रत्याशित रूप से तेज गिरावट आई है। इसका खमियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इंडिगो एयरलाइन ने तो सारी सीमाएं तोड़ दीं। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार को व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
